नई दिल्ली: भारतीय पूंजी बाजार में प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) का आकर्षण लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ महीनों में कई कंपनियों ने शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके चलते निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल है।
IPO बाजार में बढ़ी हलचल
विशेषज्ञों के मुताबिक डिजिटल भुगतान, फिनटेक, ई-कॉमर्स और हेल्थ टेक सेक्टर की कंपनियां IPO के जरिए पूंजी जुटाने पर जोर दे रही हैं। इन कंपनियों का मानना है कि शेयर बाजार के माध्यम से उन्हें विस्तार योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन मिल सकते हैं।
IPO में बढ़ती भागीदारी का एक बड़ा कारण ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म भी हैं। अब छोटे निवेशक भी मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। यही वजह है कि नए डीमैट खातों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
निवेश के पहले क्या करना जरूरी
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चर्चाओं के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार मॉडल और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण करने के बाद ही निवेश का निर्णय लेना चाहिए।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार के साथ IPO बाजार आने वाले वर्षों में और अधिक सक्रिय हो सकता है। इससे निवेशकों को नए अवसर मिलने की संभावना है।
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