नई दिल्ली: डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दौर में क्रेडिट स्कोर का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। वित्तीय संस्थान अब लोन मंजूरी से लेकर क्रेडिट कार्ड जारी करने तक कई फैसलों में क्रेडिट स्कोर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
क्रेडिट स्कोर की बड़ी भूमिका
विशेषज्ञों के अनुसार 750 या उससे अधिक का क्रेडिट स्कोर आमतौर पर अच्छा माना जाता है। बेहतर स्कोर वाले ग्राहकों को कम ब्याज दर पर ऋण मिलने की संभावना अधिक रहती है। दूसरी ओर भुगतान में देरी, बार-बार लोन आवेदन और क्रेडिट लिमिट का अत्यधिक उपयोग स्कोर को प्रभावित कर सकता है।
लापरवाही से बचना जरूरी
कई लोग यह नहीं जानते कि एक छोटी सी वित्तीय लापरवाही भी उनके स्कोर को नुकसान पहुंचा सकती है। यही कारण है कि वित्तीय सलाहकार समय पर EMI भुगतान और जिम्मेदार क्रेडिट उपयोग की सलाह देते हैं।
बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में क्रेडिट स्कोर का उपयोग केवल ऋण तक सीमित नहीं रहेगा। बीमा, किराये के समझौते और अन्य वित्तीय सेवाओं में भी इसकी भूमिका बढ़ सकती है।