नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां नई इलेक्ट्रिक कारों और एसयूवी को लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।
लंबी रेंज पर कंपनियों का फोकस
विशेषज्ञों के अनुसार उपभोक्ता अब केवल कीमत नहीं बल्कि बैटरी रेंज, चार्जिंग समय और तकनीकी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। कंपनियां इसी मांग को ध्यान में रखते हुए नए मॉडल पेश कर रही हैं। कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है ग्राहकों को संतुष्ट करना और अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुकाबले ज्यादा फीचर्स मुहैया कराना। दरअसल भारतीय ग्राहक किफायती और ज्यादा फीचर्स वाले कारों पर ज्यादा फोकस करते हैं। उन्हें माइलेज भी ज्यादा चाहिए और पैसे भी कम खर्च होने चाहिए।
भारतीय बाजार में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
सरकार की ईवी नीति और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने भी इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया है। उद्योग जगत का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन मुख्यधारा का हिस्सा बन सकते हैं।
ईवी को लेकर सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि पिछले कुछ महीनों में ईवी ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लोग पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां छोड़ हाइब्रिड और प्योर ईवी पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। ऐसे में कंपनियां भी ग्राहकों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। मौजूदा वक्त में यही परिस्थिति भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे रही हैं।