अगर अब तक आपको लगता था कि फ्लाइट में सिर्फ टिकट का पैसा लगता है, तो अपनी सोच थोड़ी बदल लीजिए। सामान ज़्यादा है तो पैसा दीजिए, बच्चा साथ है तो पैसा दीजिए, लाइन में नहीं लगना तो पैसा दीजिए, सर्टिफिकेट चाहिए तो वो भी पैसे में। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने हाल ही में अपनी कई ऑप्शनल सर्विसेज़ की कीमतें बढ़ा दी हैं, और इस बार लगभग हर चीज़ पहले से महंगी हो गई है।
पहले एक बात साफ कर दें। बेसिक टिकट का किराया या स्टैंडर्ड बैगेज अलाउंस, इनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। बदलाव हुआ है उन ऐड-ऑन सर्विसेज़ में, जिनकी ज़रूरत ज़्यादातर पैसेंजर्स को किसी न किसी मोड़ पर पड़ ही जाती है।
दरअसल low-cost एयरलाइंस का पूरा बिजनेस मॉडल ही कुछ इस तरह बना होता है। टिकट का बेस प्राइस कम दिखाकर ग्राहक को लुभाया जाता है, और असली कमाई इन्हीं छोटे-छोटे add-on चार्जेज़ से होती है, जिसे इंडस्ट्री की भाषा में “ancillary revenue” कहा जाता है। यानी जो पैसेंजर सिर्फ बेसिक टिकट लेकर बिना किसी एक्स्ट्रा सर्विस के सफर करता है, उसके लिए किराया सस्ता ही रहता है, पर जिसे भी थोड़ी सुविधा चाहिए, उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ती है।
सामान ज़्यादा है तो जेब हल्की होगी
सबसे पहले बात सामान की। अगर आपका लगेज तय सीमा से ज्यादा हो जाता है, तो अब हर एक्स्ट्रा किलो के लिए आपको 800 रुपये देने होंगे, जबकि पहले ये चार्ज 700 रुपये था। सुनने में मामूली लगता है, पर अगर आपका बैग 5 किलो भी ज्यादा निकल गया, तो अकेले इसी में आपके 4,000 रुपये उड़ जाएंगे। यानी छोटा सा फर्क, पर हिसाब लगाते ही असली असर समझ आता है।
छोटे बच्चों के साथ सफर अब महंगा
अब बात उन यात्रियों की, जो अपने साथ छोटे बच्चों को लेकर सफर करते हैं। Infant, यानी 3 दिन से 2 साल तक के बच्चों की टिकट, जो एडवांस में बुक की जाती है, उसकी कीमत अब 2,000 से बढ़कर 2,250 रुपये हो गई है। पर अगर ये टिकट आप एयरपोर्ट काउंटर पर आखिरी वक्त पर बनवाते हैं, तो जेब और ढीली होगी, 2,500 की जगह अब पूरे 3,000 रुपये चुकाने पड़ेंगे।

यहां एक आंकड़ा भी दिलचस्प है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बदलाव से करीब 10 लाख infant पैसेंजर्स सालाना प्रभावित होंगे, और सिर्फ इसी एक चार्ज से एयरलाइन को लगभग 90 करोड़ रुपये की एक्स्ट्रा कमाई होने का अनुमान है। सोचिए, जो बच्चे अभी बोलना भी नहीं सीखे, वो भी कंपनी के रेवेन्यू में इतना बड़ा योगदान दे रहे हैं।
अकेले सफर करने वाले बच्चों का चार्ज भी बढ़ा
जो बच्चे अकेले सफर करते हैं, उनके लिए भी हालात बदले हैं। 5 से 12 साल के बच्चे अगर बिना किसी बड़े के domestic फ्लाइट में सफर करते हैं, तो Unaccompanied Minor Service का चार्ज अब 5,000 से बढ़कर 5,999 रुपये हो गया है। International Flights के लिए तो ये सेवा अब सीधे 12,999 रुपये में मिलेगी, जो पहले के मुकाबले काफी बड़ी छलांग है। ये वो सर्विस है जो बच्चे के पूरे सफर के दौरान एयरलाइन स्टाफ की निगरानी सुनिश्चित करती है, बोर्डिंग से लेकर उतरने तक, तो इसमें बढ़ोतरी उन पैरेंट्स के लिए सीधा असर डालती है जो अपने बच्चों को छुट्टियों में दादा-दादी या रिश्तेदारों के पास अकेले भेजते हैं।
जल्दी बोर्डिंग चाहिए तो उसका भी दाम बढ़ा
जिन लोगों को लाइन में लगना पसंद नहीं, उनके लिए भी खबर बदली है। IndiGo की Fast Forward सर्विस, जिसमें priority check-in और anytime boarding शामिल है, उसका domestic चार्ज अब 450 से बढ़कर 650 रुपये हो गया है, और international sectors पर ये सेवा अब 850 रुपये में मिलेगी। इसके अलावा अगर एयरलाइन से travel certificate चाहिए, तो वो भी अब 200 की जगह 300 रुपये का पड़ेगा।
कंपनी क्या कह रही है, और शेयर बाज़ार ने क्या किया
कंपनी की तरफ से इसे “routine review” बताया जा रहा है, यानी ancillary charges का समय-समय पर होने वाला सामान्य फेरबदल, और operating cost बढ़ने को इसकी वजह बताया गया है। पर यहां एक दिलचस्प मोड़ भी है। जिस दिन ये खबर आई, उसी दिन IndiGo के शेयर में उछाल देखा गया। मतलब जो खबर पैसेंजर्स के लिए जेब पर बोझ है, वही खबर इन्वेस्टर्स के लिए मुनाफे का संकेत बन गई। पर्दे के पीछे का खेल अक्सर कुछ और ही होता है।
कुल मिलाकर असर कितना पड़ता है
अब आप सोच रहे होंगे कि अकेले-अकेले तो ये चार्ज ज्यादा बड़े नहीं लगते। सही सोच रहे हैं, अकेले शायद न लगें। पर जब बैगेज भी ज्यादा हो, साथ में infant भी हो, और ऊपर से Fast Forward भी ले लिया, तो यही छोटे-छोटे चार्ज मिलकर फाइनल travel cost को अच्छा-खासा बढ़ा देते हैं। यहां बूंद-बूंद से घड़ा भरने वाली कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है।

एक परिवार का उदाहरण लीजिए, जिसमें दो बड़े, एक इन्फैंट और थोड़ा एक्स्ट्रा सामान हो। सिर्फ इन्फैंट टिकट, 5 किलो एक्स्ट्रा बैगेज और एक Fast Forward सर्विस जोड़ें, तो अकेले इन तीन चीज़ों से ही कुल बिल में 5,000 रुपये से ज्यादा का इज़ाफा हो सकता है, वो भी बेसिक टिकट के अलावा। ये रकम किसी छोटे परिवार के लिए बजट बिगाड़ने के लिए काफी है।
ज़रा हिसाब लगाकर देखिए। एयरपोर्ट काउंटर पर बनवाया गया इन्फैंट टिकट 3,000 रुपये, 5 किलो एक्स्ट्रा बैगेज पर 4,000 रुपये, और एक Fast Forward सर्विस पर 650 रुपये यानी सिर्फ इन तीन चीज़ों को जोड़ते ही अकेले add-on charges में करीब 7,650 रुपये खर्च हो जाते हैं। ये रकम कई बार किसी सस्ते डेस्टिनेशन के पूरे राउंड-ट्रिप टिकट जितनी भी हो सकती है।
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